ऐ समाज (hindi)

एे समाज आखिर क्या चाहता है तू जाने क्यों मुझे दबाता है तू, क्यूँ मेरे सपनों मे अपने ख्वाब सजाता है तू क्यूँ उन्हें अपनी मन चाही राह पर चलाता है तू, एे समाज आखिर क्या चाहता है तू, क्यों मेरे शब्दों में अपनी आवाज़ डालता है तू क्यूँ मेरी आवाज़ को उठने से रोकता है तू जाने क्या रिश्ता अपना मुझसे निभाता है तू, ऐ समाज आखिर क्या चहाता है तू, मेरी कौनसि गलती पर उंगली उठाता है तू क्यूँ मेरी ही जिन्दगी के फ़ैसले मुझे सुना जाता है तू क्यूँ मुझे बिन बताए ऐसा कर जाता है तू, … Continue reading ऐ समाज (hindi)


Thousands of years ago no one had ever imagined that communication with friends, relatives or other people we know would be so easy. They never thought that a time will ever come when they would be able to talk with them without visiting or writing to them and waiting for days for a reply. But there was a person who believed in proving that thought wrong and changing it into reality, who wanted to make it possible and ended by making a telephone. He was Alexander Graham Bell, a well-known person to all of us. Also when no one thought of … Continue reading EVERYTHING IS POSSIBLE